Friday, 31 October, 2008

नारदमुनि ख़बर लाये हैं

देश,काल, धर्म, वक्त,परिस्थितियां कैसी भी हों एक दूसरे को गिफ्ट देने से आपस में प्यार बढ़ता है। यह बात माँ द्वारा अपने लाडले के गाल पर चुम्बन लेने से लेकर जरदारी का अमेरिका की उस से हाथ मिलाने तक सब पर एक सामान लागू होती है। जब सब ऐसा करते कराते हैं तो पत्रकारों ने क्या बुरा किया है। ऐसा ही सोचकर एक नेता ने पत्रकारों को गिफ्ट पैक बड़े स्टाइल से भिजवाए। ये पैक उनका छोटा भाई और उनका पी आर ओ कम प्रवक्ता कम खबरिया लेकर गए। पैक में एक डिब्बा काजू कतली का और एक शगुन वाला लिफाफा। लिफाफे में थी नकदी। किसी में ११०० रूपये,किसी में २१०० रूपये किसी में ५१०० रूपये भी थे। नेता जी की नजरों में जो जैसा था उसके लिए वैसा ही गिफ्ट। अब कईयों ने इसको स्वीकार कर लिया और कईयों ने वापिस लौटा दिया। सबके अपने अपने विवेक, इस लिए सबने अपनी ओर से ठीक ही किया। कोई इसको सही बता रहा है कोई ग़लत। दोनों सही है। नेता जी के पास फिल्ड में रहने वाले पत्रकारों से हाथ मिलाने का इस से अच्छा मौका और हो भी क्या सकता था। मालिक लोगों के पास तो बड़े बड़े विज्ञापन पहुँच जाते हैं। ऐसे में पत्रकारों ने लिफाफे लेकर अच्छा किया या नहीं किया, इस बारे में नारदमुनि क्यों कुछ कहे। नारदमुनि तो ख़ुद पत्रकारों से डरता है।

सिक्युरिटी का साया है

यह चुटकी उन देवी देवताओं, गुरुओं, साधू संतो,कथा वाचकों को समर्पित है जिनको अपने प्राणों की बहुत अधिक चिंता रहती है। इसी चिंता से बचने के लिए उनके चारों ओर सुरक्षा का घेरा रहता है। वैसे तो ये महानुभाव कहते हैं कि जिसने जन्म लिया उसकी मौत निश्चित है, आदमी को जीवन मरन के फेर नहीं पड़ना चाहिए। जिसने जैसे कर्म किए हैं उसको वैसे ही फल मिलेंगें। ये वे तमाम उपदेश देतें हैं जिनका उनकी अपनी जिन्दगी से कोई खास वास्ता नहीं होता।

-----चुटकी----

उफ़ ! कैसा घोर
कलयुग आया है,
"भगवान" के
चारों ओर भी
सिक्युरिटी का साया है।

--गोविन्द गोयल

Thursday, 30 October, 2008

जो हो हिंदुस्तान का

---- चुटकी----

ये उत्तर का
वो पश्चिम का
तू बिहार का
मैं राजस्थान का,
कोई एक तो बताओ
जो हो बस
केवल हिंदुस्तान का।

---गोविन्द गोयल

Wednesday, 29 October, 2008

ये पब्लिक है सब जानती है

चुनाव में टिकट का बहुत अधिक महत्व होता है। टिकट मिलते ही नेता के चारों ओर हजारों लोगो का जमावड़ा हो जाता है। अगर टिकट उस पार्टी का हो जिसकी सरकार बनने के चांस हो तो भीड़ का अंत नही रहता। मगर नारदमुनि ने आज मामला उल्टा देखा। मीडिया से लेकर आम जन तक में यह बात आई कि भारत पाक सीमा पर स्थित श्री करनपुर विधानसभा क्षेत्र से इस बार शायद गुरमीत सिंह कुन्नर को कांग्रेस अपना उम्मीदवार न बनाये। बस फ़िर क्या था, जन जन का हजूम गुरमीत सिंह कुन्नर के समर्थन में उमड़ पड़ा। भीड़ ऐसी कि किसी दमदार पार्टी उम्मीदवार के यहाँ भी होनी मुश्किल है। शायद ही कोई ऐसा वर्ग या जाति होगी जो श्री कुन्नर से मिलने उनके पास न गया हो। सब का एक ही कहना था कि टिकट मिले न मिले हमारे उम्मीदवार तो आप ही हैं। भीड़ का समुद्र जैसे यहाँ से वहां तक कांग्रेस से बगावत करने को तैयार लगा। जन जन ने यह कहते सुना गया कि गुरमीत सिंह के सामने बीजेपी का कोई भी नेता टिकट लेने तो तैयार नहीं है। ऐसे में कांग्रेस पता नहीं क्यों ऐसे आदमी को उम्मीदवार बनाने पर तुली है जिसका इलाके में कोई जनाधार तो दूर की बात ठीक से जनता तक नहीं है। श्री कुन्नर के समर्थन में आई भीड़ ने साफ शब्दों में कहा कि हम लोग किसी के पास टिकट लेने नहीं जायेंगें , गुरमीत सिंह कुन्नर की टिकट जनता है। अगर कोई दूसरा टिकट लाया तो उसको रिटर्न टिकट साथ लानी होगी। पता नहीं कांग्रेस के लीडर ये बात जानते हैं या नहीं।

सारी रात जले वो भी

--- -----चुटकी------

माना कि तुम दीप जला रही हो
दिवाली की खुशियाँ मना रही हो
क्या हाल होगा उसका, जरा सोचो
जिसको तुम भुला रही हो,
जला देना एक दीपक उसका भी
तुम्हारे दीपक के साथ जले वो भी
जिस तरह जलता है दिल मेरा
उसी तरह जिंदगी भर जले वो भी।

----गोविन्द गोयल

आज होगी उनकी दिवाली

नारदमुनि रात से ही व्यस्त थे। लक्ष्मी की गतिविधियों की जानकारी प्रभु तक पहुंचानी थी। लक्ष्मी चंचल यहाँ जा, वहां जा। जिसके बरसी खूब बरसी, जिनके यहाँ नहीं गई तो नहीं गई। नारदमुनि ने देखा कि लक्ष्मी माँ तो झूठे, मक्कार,सटोरिये,भ्रष्ट नेता अफसर, कर्मचारी, बेईमानों के यहाँ इस प्रकार जा रही थी जैसे वे उनके मायके के हों। ये सब के सब पुरी शानो-शौकत के साथ लक्ष्मी जी का स्वागत सत्कार करने में लगे थे। नारदमुनि इनके खारों के बाहर खड़े इंतजार करते रहे । लक्ष्मी जी की अधिकांश कृपा ऐसे लोगों पर ही हुई। अब लक्ष्मी जी थक गईं। उन्होंने उल्लू से कहा कि वह बाकी के काम निपटा के क्षीर सागर आकर रिपोर्ट करे। अब उल्लू तो उल्लू है उसने वही किया जो उल्लू करता है। इन सब काम में सुबह हो गई। नारदमुनि प्रभु की ओर प्रस्थान कर रहे है। रस्ते में हर गली में उन्हें चिथडों के सामान कपड़े पहने हुए बच्चे गली में बिखरे पटाखों के कूडे में कुछ तलाश करते दिखे। नारदमुनि ने सोचा कि नगर के अधिकांश बच्चे तो सो रहें हैं। ये कूडे में कुछ तलास कर रहें हैं। नारदमुनि ने पूछ लिया। बच्चे कहने लगे, साधू बाबा हम तो पटाखे खोज रहें हैं। शहर की हर गली में इस प्रकार कूडे में बहुत सारे पटाखे मिल जायेंगे, जितने ज्यादा पटाखे मिलेंगे उतनी ही अच्छी हमारी दिवाली होगी। क्योंकि हमारे पास खरीदने के लिए तो रूपये तो होते नहीं सो हम तो इसी प्रकार दिवाली की रात के बाद पटाखे की तलाश कूडे में करते हैं। नारदमुनि क्या करता, उसके पास कोई जवाब भी नही था। सच ही तो है। देश में करोड़ों लोग अपनी दिवाली इसी प्रकार ऐसे लोगो की झूठन से अपने त्यौहार मानते हैं जिनके यहाँ लक्ष्मी शान से आती जाती है। नारदमुनि ने सारा हाल जाकर प्रभु को सुना दिया। प्रभु जी सुनकर मुस्कुराते रहे, जैसे हमारे नेता औरअफसर लोगों की समस्याओं को दुःख को सुनकर मुस्कुराया करते हैं। नारायण नारायण

Tuesday, 28 October, 2008

जेब खाली तो कैसी दिवाली

---- चुटकी----

जिसकी जेब खाली
उसकी कैसी दिवाली,
जिसके पास माया
उसकी तो हर रोज
दिवाली है भाया।

--- गोविन्द गोयल

नारदमुनि को मेनका का भ्रम

नारदमुनि दिवाली पर नगर भ्रमण कि निकले । चारों ओर आनंद ही आनंद बिखरा हुआ था। उल्लास और उत्साह की महक इस आनंद को बढ़ा रही थी। मंदी का कहीं अता पता नहीं दिख रहा था। परम्परागत और आधुनिक परिधानों से लक दक हर उमर के लोग लोग रौनक में चार-पाँच चाँद एक साथ लगा चुके थे। नारदमुनि भी नारायण नारायण करते इधर से उधर ,उधर से इधर आ जा रहे थे। अचानक नारदमुनि ने देखा कि हर कोई एक ही और देख रहा है। नारदमुनि नारायण नारायण तो भूल गए और उस तरफ़ देखा जिस ओर सब देखा देखी कर रहे थे।नारदमुनि चक्कर खा गए, अरे ! ये मेनका यहाँ कहाँ से आ गई? कमर तो उसके पास थी ही नहीं, बाकी के साइज़ लेडिज टेलर होता तो देखते ही बता देता। जींस टॉप पहने हुए,जुल्फें खुली,नारदमुनि भी नारायण नारायण की बजाय अहा ! वाह !,आह ! करने लगे। थोड़ा निकट जाकर देखा तो उस मेनका के स्वर्ग की मेनका होने का वहम मिट गया। नारदमुनि की टेंशन और बढ़ गई, ये मेनका नहीं तो वैसी ही अनुपम सुंदरी यहाँ धरती पर और वाह भी भारत पाक सीमा के निकट श्रीगंगानगर में क्या कर रही है। पडौस में तो श्रीमान जरदारी रहतें हैं। नारदमुनि उसको देखते ही रहे, और उनको काम भी क्या था? नारदमुनि ने देखा कि बाइकों पर सवार कई कितने ही भंवरे कीट पतंगों की तरह उसके आगे पीछे घूमने लगे। अपने हर अंग पर हुस्न का बोझ लिए वह बाला भी सब समझ रही थी इसलिए कभी कभी वहउनकी ओर देख उनके दिल की हसरत पूरी कर देती थी। इस कारण कई बाइक वाले आपस में टकराते टकराते बचे। इस से पहले कि नारदमुनि उसके पास जाकर उस से ये पूछते कि हमारी स्वर्ग वाली मेनका तुम्हारी रिश्तेदार है क्या, उनको ऊपर से सिग्नल मिल गया चुप रहने का। ऊपर से सिग्नल मिलने के बाद किसकी हिम्मत होती आउट ऑफ़ दी वे काम करने की। सो नारदमुनि फ़िर नारायण नारायण करने लगे। वह यूँ ही बिजलियाँ गिराती रही।
बाद में भेद खुला कि वह कोई लड़की नहीं बल्कि किसी डांसर ग्रुप का डांसर है। उसका चेहरा मोहरा बिल्कुल लड़कियों जैसा है इसलिए कभी कभी वह किसी त्यौहार और मेले ठेले में ऐसे किलोल करके लोगों को हैरत में डालता रहता है।

Monday, 27 October, 2008

भज ले नारायण का नाम

----- चुटकी-----

भज ले नारायण का नाम
नारद, नारायण का नाम,
भज ले नारायण का नाम
नारद,नारायण का नाम।
-----
मनमोहन जी टिके हुए हैं
बिना किए कुछ काम,
उनकी जुबां पर रहता है
बस इक मैडम का नाम।
भज ले नारायण का ......
-----
पीएम पद का चिंतन करे तो

लगता नहीं है ध्यान
आडवाणी के ख्वाब में आए
इक मोदी का नाम।
भज मन नारायण का नाम.....
-----
चुनाव आए तो सारे नेता
झुक झुक करे सलाम,
उसके बाद वही नेता जी
दुत्कारे सुबह और शाम।
भज मन नारायण का नाम....
-----
महंगाई की बात करे जो
वो बालक नादान,
शेयरों के दाम गिर रहे
सेंसेक्स पड़ा धडाम।
भज मन नारायण का नाम....
-----
धर्मनिरपेक्ष है वही देश में
जो ले अल्लाह का नाम,
साम्प्रदायिक है हर वो बन्दा
जो भजता राम ही राम।
भज मन नारायण का नाम....

-----गोविन्द गोयल

Sunday, 26 October, 2008

राशन का बजट बढ़ गया

---- चुटकी----

राशन का बजट बढ़ गया
इन्कम वही पुरानी है,
अर्थशास्त्री फेल हो गया
घर घर यही कहानी है।
----
बेटा मांगे एक फुलझडी
तो आँख में आए पानी है

माँ के चेहरे को पढ़ पढ़ के
बच्ची हुई सयानी है।
----
माँ बेटी की चाहतें मर गई
देख रसोई का सन्नाटा,
नून तेल तो आ जाएगा
कहाँ से आएगा गोविन्द आटा।

----गोविन्द गोयल

Saturday, 25 October, 2008

राजनीति के माध्यम से सेवा









राजनीति का रास्ता बहुत अधिक काँटों वाला है। ये कहा जाता है कि राजनीति आम आदमी के बस की बात नहीं। इस में फ्रेश और गैर राजनीतिक परिवार के सदस्य को कोई नहीं पूछता। श्रीगंगानगर में इन बातों को झूठा साबित करने में लगे हैं प्रहलाद राय टाक। स्नातकोतर,विधि स्नातक प्रहलाद टाक राजनीति के पथरीले रास्ते पर बिल्कुल फ्रेश हैं। मगर उनको कोई कह नही सकता कि राजनीति में उनका ये पहला कदम है। उनका फ्रेश होना उनकी अतिरिक्त क्वालिटी बन गया है। प्रहलाद टाक समाज सेवा भावी तो पहले से ही हैं अब वे राजनीति को सेवा का माध्यम बना कुछ अधिक करना चाहते हैं। इस के लिए फिलहाल श्रीगंगानगर विधानसभा क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि के रूप में चुना है। उनके या उनके परिवार का इस से पहले राजनीति से कोई लेना देना नहीं था। प्रहलाद राय का परिवार कभी भी राजनीति में एक्टिव नहीं रहा। उन्होंने गत कई सप्ताह में अपने आप को बीजेपी के कार्यकर्त्ता के नाते इतना एक्टिव किया कि आज वे बीजेपी के बड़े लीडर्स की नजरों में हैं। राजनीति में किस तरह टिक पायेंगें इसके जवाब में प्रहलाद टाक कहते है- मेरा मकसद राजनीति को व्यवसाय बनाना नहीं है। मैं तो पहले भी सामाजिक रूप से एक्टिव था और अब और अधिक एक्टिव रहूँगा। मैं तो समाज सेवी ही कहलाना पसंद करता हूँ। मुझे आशा है कि जन जन फ्रेश को आगे बढने को मौका देगा । फोटो-१-अपने साथियों के साथ प्रहलाद टाक। फोटो-२-बीजेपी लीडर राजेन्द्र सिंह राठौर के साथ। फोटो-३-बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष श्री माथुर के साथ। फोटो-४- बीजेपी के प्रदेश प्रभारी गोपी नाथ मुंडे के साथ प्रहलाद राय टाक ।

उस दिन होगी असली दिवाली

---- चुटकी----
घर घर मंगल दीप जलाएं
कोई कौन रहे न खाली,
चारों तरफ़ हो खुशियों का आलम
कोई पेट रहे ना खाली।
-----
सब के तन पर कपडें हों
बेघर के घर अपने हों,
नगर में दिखे ना कोई सवाली
उस दिन होगी असली दिवाली।
----
अधरों पर मुस्कान खिले
हर हाथ को काम मिले,
घर घर बाजे खुशियों की थाली
कब आएगी ऐसी दिवाली।
----
मस्ती में झूमे मतवाले
किसी के घर भी लगे ना ताले
रोशन हो एक कौना कौना
कहीं दिखे ना चादर काली
किस दिन आएगी ऐसी दिवाली।
----
----गोविन्द गोयल

जनता का राज है

---- चुटकी-----

महाराज है,
महारानी है
युवराज है ,
जी हाँ, भारत में
जनता का राज है।

--- गोविन्द गोयल

Friday, 24 October, 2008

चंदा मामा के यहाँ यान

---- चुटकी-----

चंदा मामा के यहाँ
गया है अपना यान,
शेयर बाज़ार चढेगा
घटेंगे राशन के दाम।
----
सरकार की तरह
मस्त रहो जनाब,
पेट भरे न भरे
देखते रहो ख्वाब।
----
चैनलों पर देखिये
राजनीति के रंग,
नेताओं के नाटक देख
लोग रह गए दंग।
----
जितना जल्दी हो सके
सुरक्षित घर को भाग,
सबके अपने स्वार्थ है
कौन बुझाये आग।

---गोविन्द गोयल

Thursday, 23 October, 2008

मोदी लाये थे संजीवनी

-----चुटकी----

ऐ ! सुनो,यूँ
शुरू करो
बीजेपी की जीवनी,
मोदी लाये थे
उसके लिए संजीवनी।

---गोविन्द गोयल

भूल गए चाँद पर जाने की बात

---- चुटकी-----

न्यूज़ चैनलों
पर छाया रहा
राज नीति का उत्पात,
भूल गए सब
चाँद पर
जाने की बात।

----गोविन्द गोयल

Wednesday, 22 October, 2008

कानून तोड़ने वाले का गरूर

----- चुटकी-----

कानून तोड़ने वाले का
तोड़ दो गरूर,
मनसे,सबसे कहता हूँ
भारत की सूरत
निखर जायेगी हजूर।

---गोविन्द गोयल

गेंहूँ से महंगा साल्ट

--- चुटकी----

कोई बताये इस देश में
किसका है ये फाल्ट,
दूध बराबर पानी है
गेंहूँ से महंगा साल्ट।

----गोविन्द गोयल

Tuesday, 21 October, 2008

बिकने से क्या बचेगा

---- चुटकी-----

बार बालाओं को
दिख जायें नोट,
नेताओं को नजर
आतें हो खूब वोट,
फ़िर बिकने से
क्या क्या बचेगा
इस बारे में तू
कुछ भी ना सोच।

----गोविन्द गोयल

भ्रष्टाचार की रेल

---- चुटकी----

राजनीति तो है
अब पैसों का खेल,
ऐसे में कौन रोकेगा
भ्रष्टाचार की रेल।

---गोविन्द गोयल

Monday, 20 October, 2008

मर्दों का आसरा

---- चुटकी----

मर्दों का आसरा
उनका सासरा।

--गोविन्द गोयल

जी जी का ताना-बाना

--- सादर निमंत्रण ---

"नारदमुनि" बुला रहें हैं
आप जरुर जरुर आना,
अब शुरू हो चुका है
"जीजी का ताना बना"

अटल नहीं आडवानी है

----- चुटकी-----

बीजेपी की ये
नई कहानी है,
अटल गायब हैं
इसलिए अब
जो कुछ है
वह आडवानी है।

----गोविन्द गोयल

दिल का जायका

----- चुटकी-----

महिलाओं के
दिल का जायका,
उनका मायका।

---गोविन्द गोयल

दिल का जायका

Sunday, 19 October, 2008

उम्मीदवार लगता है

----- चुटकी-----

जब जब मिलता है
तब तब झुकता है,
किसी पार्टी का
उम्मीदवार लगता है।

---गोविन्द गोयल

लिखने का महत्व अधिक

श्री राजदीप सरदेसाई टी वी न्यूज़ चैनल के जाने माने नाम है। उनके लेख अख़बारों में छपते रहतें हैं। इस से "लिखे" का महत्व साबित होता है। जो लिखा गया वह इतिहास बन जाता है।
---- चुटकी-----

न्यूज़ चैनल से अधिक
न्यूज़ पेपर का
महत्व है मेरे भाई,
तभी तो न्यूज़ पेपर में
लेख लिखतें है
राजदीप सरदेसाई।

-----गोविन्द गोयल

Saturday, 18 October, 2008

दाल रोटी महंगी,सस्ता टी वी फोन

----- चुटकी------
दाल रोटी महंगी
सस्ता टी वी फोन,
ये तरक्की कैसी
बतलायेगा कौन।
------
चीनी तेल के भाइयो
पल पल बड़ते दाम,
दो वक्त की रोटी
हो गई आज हराम।
----
सेंसेक्स नीचे गिरा
सड़क पर आ गए लोग,
बेशर्म हमारे नेता
फ़िर भी सत्ता रहें है भोग।
----गोविन्द गोयल

होमलैंड ने डाली नई परम्परा

श्रीगंगानगर भारत-पाक सीमा से बस चंद किलोमीटर दूर है। श्रीगंगानगर का पडौसी है भारत की आन बान शान पंजाब। महाराजा श्री गंगा सिंह जी के नाम से इसका नामकरण श्रीगंगानगर हुआ। श्रीगंगानगर के बीच में से होकर गुजरता है नेशनल हाईवे नंबर १५। श्रीगंगानगर की स्थापना १९२७ में हुई। श्रीगंगानगर अपने आप में हर लिहाज से अनूठा नगर है। इस में एक और अनूठा है " होमलैंड चार"। चार साल पहले तक एग्रीकल्चर प्रधान इस जिला मुख्यालय पर इस प्रकार के नगर नियोजन की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। लगभग ६० हेक्टेयर में फैला होमलैंड सिटी श्रीगंगानगर की पहचान बन चुका है। इस शानदार नगर में स्कूल,हॉस्पिटल,मन्दिर,फिल्टर ट्रीटमेंट प्लांट,सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पुरी तरह स्थापित हो चुके हैं। मुख्य द्वार की तो बात ही निराली है। यहाँ होता हैं हर पल सुरक्षा प्रहरी। अब होमलैंड सिटी कॉमर्सियल मॉल बनाने के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है। होमलैंड को यहाँ पहली प्राइवेट कालोनी बनाने का गौरव मिला इलाके को मिला प्रोपर्टी बाज़ार। वह भी कोई छोटा नहीं बहुत बड़ा। वर्तमान में श्रीगंगानगर में प्रोपर्टी का कारोबार अरबों रूपये का है। जब से होमलैंड सिटी बनी है तब से नेशनल हाईवे के दोनों तरफ़ की जमीन के दाम इतने हो गए जितने किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। श्रीगंगानगर के प्रोपर्टी बाज़ार में केवल श्रीगंगानगर के ही नहीं महानगरों में प्रोपर्टी का काम करने वालों ने भी निवेश कर रखा है।

Friday, 17 October, 2008

सुहागिन के हाथ में तलवार

अब वो जमाना नहीं रहा जब सुहागिनें करवा चौथ का व्रत केवल घर की चारदीवारी में ही चाँद के इंतजार करते करते पूरा कर लेती थीं। आज कल सुहागिनें मेक अप करके घर बैठने की बजाये मस्ती करती हैं। वह भी एक साथ। अगर विश्वास नहीं हो तो विडियो देख लो। इस में सुहागिने हाथ में तलवार लेकर कैट वाक कर रहीं हैं। इतना भी क्यों वे फ्लाइंग किश तक करती दिखेंगीं। यह श्रीगंगानगर का नजारा है किसी महानगर का नहीं। भारत पाक सीमा पर रहतें हैं तो क्या हुआ,आधुनिक से आधुनिक तौर तरीके तो किसी भी पर्व पर इस्तेमाल किए ही जा सकते हैं।

करवा चौथ की बधाई

संसार की सभी सुहागिन ब्लोगर्नियों को आज के दिन की मुबारक बाद। मुबारक बाद इसलिए कि आज उनका दिन है। वे अपने पति की लम्बी उम्र की कामना करतीं है। पति रहेगा तभी तो वे सज संवर सकेंगी। सुहागिन कहलाएँगीं। मतलब ये कि पति की आड़ में अपने लिए सब कुछ मांग रहीं हैं। है ना ऐसी ही बात। चलो ये तो हुई मजाक की बात। असल में तो हिंदुस्तान की नारी अपने आप में एक संस्कृति है, समर्पण की प्रतिमूर्ति है,धरती के समान सहनशील है। आदमी तो केवल मकान बनाता है,घर का रूप उसे महिला ही प्रदान करती है। कभी पत्नी के रूप में तो कभी माँ,बहिन और बेटी के रूप में। साल भर में ना जाने कितने व्रत वह रखती है। कभी पति देव के लिए और कभी अपने बाल गोपाल के लिए। उस के ख़ुद के लिए कोई व्रत है ही नहीं। वह मकान को घर बनाने में इतना रम जाती है कि अपना वजूद तक भूल जाती है। किसी ने क्या खूब कहा है---" सारी उम्र गुजारी यूँ ही, रिश्तों की तुरपाई में,दिल का रिश्ता सच्चा रिश्ता बाकी सब बेमानी लिख।" " इश्क मोहब्बत बहुत लिखा है,लैला-मंजनू राँझा हीर,मां की ममता प्यार बहिन का इन लफ्जों के मानी लिख। "

दादी नानी की सीख

---- चुटकी----

भूल जाओ सब
दादी नानी की
सीख और सलीके,
चैनल बतातें हैं अब
पर्व मनाने के
नए नए तरीके।

---- गोविन्द गोयल

गांधी जी के बन्दर

---- चुटकी-----

जिंदगी में होना है
अगर फुल कामयाब,
तो गाँधी जी के तीनों
बंदरों को रखो याद।

---गोविन्द गोयल

पत्नी कर रही है आराम

---- चुटकी----
करवा चौथ पर
पति को लगा
दिया घर के काम,
मेक अप ख़राब
न हो जाए इस लिए
ख़ुद कर रही है आराम।
----गोविन्द गोयल

Thursday, 16 October, 2008

साजन सजनी का संवाद

करवा चौथ का व्रत है। सजनी के साजन प्रदेश में है। ऐसे में वह इन्टरनेट पर अपने साजन का मुखड़ा देख कर अपना व्रत खोलती है। इस मौके पर उनके बीच कुछ संवाद होता है। यही संवाद है तीन चुटकियों में।
------ चुटकी------
सजनी के प्यारे सजना
चले गए प्रदेश,
सजनी ने खोला व्रत
मुखड़ा इन्टरनेट पर देख।
--------

सजनी के प्यारे सजना ने
भेजा है संदेश,
तुम्हारे लिए मैं क्या लाऊं
दे दो ई मेल आदेश।
-------

साजन की प्यारी सजनी ने
भेज दिया संदेश ,
रुखी सूखी खा लेंगे
आ जाओ अपने देश।
-------

-----गोविन्द गोयल

मेक अप में उलझी रही

------ चुटकी-----
करवा चौथ का
रखा व्रत,
कई सौ रूपये
कर दिए खर्च
मेक अप में
लगी रही,घर से
भूखा चला गया मर्द।
----- गोविन्द गोयल

Wednesday, 15 October, 2008

राजनीति में काठ की हांडी

----- चुटकी-----

नीति को निकल
दिया,राज को
बना लिया बांदी,
राजनीति में ही
बार बार चढ़ती
काठ की हांडी।

---गोविन्द गोयल

बीजेपी का दमदार बंदा जुगल डुमरा




श्रीगंगानगर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी को एक ऐसे उम्मीदवार की तलाश है जो बिल्कुल फ्रेश और सभी को साथ लेकर चलने वाला हो। बीजेपी के काउंसलर जुगल डुमरा ऐसे ही व्यक्तित्व वाले हैं। बीजेपी में गत पॉँच साल में उन्होंने सत्ता और संगठन में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जुगल डुमरा आज बीजेपी में किसी परिचय के मोहताज नहीं है। उन्होंने पार्टी के समक्ष श्रीगंगानगर से बीजेपी के उम्मीदवार का दावा पेश किया है। उनका दावा दिखावा नहीं बल्कि गंभीर है। उनके समर्थन में कई दर्जन व्यापारिक,सामाजिक,धार्मिक संगठनो,जनप्रतिनिधियों ने भी बीजेपी के अध्यक्ष को पत्र लिखकर जुगल डुमरा श्रीगंगानगर से बीजेपी का उम्मीदवार बनाने की मांग की गई है। इन संगठनो ने बीजेपी को जुगल डुमरा का तन मन धन से साथ देने का भरोसा दिलाया है। जुगल डुमरा अरोडा बिरादरी से है जिसका श्रीगंगानगर विधान सभा में बोलबाला है। इसके बावजूद वे जातिवाद को बढावा देने वाली बात नही करते। वे कहते हैं कि मैं तो सभी जाति और धर्म से जुड़े लोगों की बात करता हूँ। सभी के सुख दुःख में आता जाता हूँ। वैसे भी किसी एक जाति से कोई चुनाव नही जीत सकता। श्री डुमरा ने कहा कि मेरा मकसद श्रीगंगानगर में आपसी sadbhav और भाईचारा कायम रखना है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी उनको उम्मीदवार बनाती है तो वे सब को साथ लेकर विजय प्राप्त करेंगे। क्योंकि उनका इलाके में किसी से किसी भी प्रकार का बैर विरोध नही है। काउंसलर के रूप में उन्होंने हर वार्ड की पैरवी की। जुगल डुमरा पंजाबी महासभा के जिला अध्यक्ष, अरोड़ वंश वेलफेयर सोसाइटी के जिला अध्यक्ष, मैरीज पैलेस एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष हैं। इसके अलावा भी वे कई सामाजिक व्यापारिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। श्री जुगल डुमरा को पार्टी के बड़े बड़े नेताओं से आशीर्वाद मिला है। उनका कहना है कि टिकट के बारे में सकारात्मक संकेत मिले हैं [फोटो में श्री जुगल डुमरा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से आशीर्वाद लेते हुए। दूसरी फोटे में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष श्री माथुर के साथ जुगल डुमरा]

Tuesday, 14 October, 2008

बीमार की हालत ख़राब है

---- चुटकी----

बहुत सारा लेकर
जरा सा दिया है जनाब,
टुकर टुकर मत देखो
अभी भी है
बीमार की हालत ख़राब।

-----गोविन्द गोयल

आतंकवाद की फसल

----- चुटकी-----
हमने एकता,सदभाव
और भाई चारे का
पौधा तो लगाया था,
लेकिन उसमें जातिवाद
और स्वार्थ
का कीड़ा लग गया,
यही वजह है कि हम
आतंकवाद की फसल
काट रहे हैं।
----गोविन्द गोयल

Monday, 13 October, 2008

बंद द्वार तेरे मन के

----- चुटकी----
रोज जाए तू देवालय
वहां घंटे बजाये
मन मन के ,
ईश्वर तुझको
कैसे मिले
बंद द्वार तेरे मन के।
----गोविन्द गोयल

सरकार नकारा

---चुटकी----

सरकार नकारा
जन जन लाचार,
किसके आगे
करे पुकार।

--गोविन्द गोयल

Sunday, 12 October, 2008

अर्थशास्त्री का मारा है

----- चुटकी-----
ये जो महान
देश हमारा है,
वह अर्थशास्त्री
का मारा है।

-------गोविन्द गोयल

जो दम बचा है निकाल लो

----- चुटकी-----
हे! प्रधानमंत्री जी
अब तो संभाल लो,
या जो थोड़ा बहुत
दम बचा है
उसको भी निकाल लो।
----गोविन्द गोयल

भाड़ में जाए शेयर बाज़ार

----- चुटकी-----

बस करार के लिए
बेकरार है
अपनी सरकार,
भाड़ में जाए
शेयर बाज़ार।

----गोविन्द गोयल

Saturday, 11 October, 2008

गलियां दो बनो महान

------ चुटकी-----
श्री राम को दो गलियां
और बन जाओ महान,
बहुसंख्यकों का नहीं
अल्पसंख्यकों का है
हिन्दूस्तान।
------गोविन्द गोयल

मनमोहन कुछ तो करो

------ चुटकी-----

महंगाई आकाश पर
शेयर बाज़ार धरा पर,
प्यारे मनमोहन
बैठे बैठे कुछ तो करा कर।

------गोविन्द गोयल

Friday, 10 October, 2008

लाखों बाकी हैं

----- चुटकी-----
एक रावण जला दिया
लाखों बाकी हैं सरकार,
उसको मारा राम ने
कौन करे इनका संहार।
---- गोविन्द गोयल

ऐसे उलटे सीधे गीत

----- चुटकी-----
अधर्म पर धर्म की जीत
अधर्म पर धर्म की जीत,
ऐ सुनो,इस दौर में
कौन गा रहा है
ऐसे उलटे सीधे गीत।

-----गोविन्द गोयल

Thursday, 9 October, 2008

हर पल हो विजय दशमी

----चुटकी----

आपकी झोली में
हर दिन बरसे
हँसी खुशी की लक्ष्मी,
आपका हर पल
हो विजय दशमी।

----गोविन्द गोयल

बजरंग दल पर बैन

---- चुटकी----
बजरंग दल पर
लग गया अगर बैन,
चुनाव के मौसम में
कांग्रेस का
खो जाएगा चैन।

----गोविन्द गोयल

अर्थशास्त्र हो गया फेल

---- चुटकी-----
निवेशकों का
बिगाड़ दिया
सारा खेल,
अर्थशास्त्री पी एम का
अर्थशास्त्र हो गया
बिल्कुल फेल।

---गोविन्द गोयल

Wednesday, 8 October, 2008

लग जायेगी आग

---- चुटकी----
"धर्म निरपेक्ष" लोगों के
दिलों में लग गई आग,
नैनो चली गई
नरेंद्र मोदी के साथ।
-----गोविन्द गोयल

रामलीला के कलाकार

आज के समय में जब घर घर के छोटे से लेकर बड़े सदस्य तक तो अनेकानेक मनोरंजन करने वाले टीवी चैनलों ने घर में ही बाँध रखा है ऐसे में रामलीला जाने की कौन सोच सकता है। मगर फ़िर भी ऐसे बहुत से व्यक्ति हैं जो इन बातों की परवाह न करते हुए अपने प्रयासों से रामलीला की परम्परा को जिन्दा रखे हुए हैं। ये लोग बिना कोई दाम लिए रामलीला का मंचन करते हैं। इस के लिए इनको अपना समय देना पड़ता है। कई दिन पहले से ही ये लोग इस काम में लग जाते हैं। हिंदुस्तान की एक पुरातन परम्परा को जिन्दा रखने में इनका बहुत बड़ा योगदान है। श्रीगंगानगर में एक रामलीला में श्री हनुमान जी को आकाश मार्ग से संजीवनी लाते हुए दिखाया गया। काम जोखिम वाला था ,फ़िल्म की तरह कोई डुप्लीकेट भी नहीं था। यह पोस्ट ऐसे ही व्यक्तियों को समर्पित जो रामलीलाओं से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष जुड़े हुए हैं.

Tuesday, 7 October, 2008

मंगल को अमंगल

आज अभी ठीक से दिन की शुरुआत भी नहीं हुई थी कि कांग्रेस के पूर्व जिला प्रवक्ता के निधन का समाचार मिला। साथ में यह सूचना कि उनकी बॉडी सरकारी हॉस्पिटल की मोर्चरी में है। यहाँ बॉडी पोस्ट मार्टम के लिए ही होती है। इस से पहले की पुरी बात मालूम होती दूसरी ख़बर यह मिली कि दो बसों की टक्कर में कई लोग मारे गए। अनेक घायल हो गए। हॉस्पिटल पहुँचा, वहां के हालत जैसे होने थे वैसे ही थे। पांच व्यक्ति मर चुके थे और १५ घायल हॉस्पिटल में थे। मरने वालों के अंग भंग हो चुके थे। उनकी पहचान करके बॉडी उनके परिजनों को दी जारही थी। हर कोई यह कह रहा था कि मंगल को अमंगल हो गया। किसी ने कहा कि पहले नवरात्रों को जोधपुर में हादसा हुआ और आठम को श्रीगंगानगर में। कोई नवरात्रों को भारी बता रहा था किसी ने मंगल को भारी बताया। लेकिन हॉस्पिटल में सबसे अधिक चर्चा कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता की मौत की थी। उनके एक साथी ने धीरे से बताया कि आत्महत्या की है। उनके ही एक दुसरे साथी ने भी यही बताया। वही उनको रात हॉस्पिटल लेकर गए थे। मरने वाले की पत्नी मोर्चरी में आई डॉक्टर ने उसकी तस्सली करवाई की सच मुच उनकी मौत हो गई है। बाद में एक ने फोन करके कहा कि सबको यही कहना है कि मौत हार्ट फ़ेल होने से हुई। इसमे कर भी क्या सकता है। तुलसीबाबा ने सही लिखा है --होई है वही जो राम रची राखा.....

लेडिज टेलर

यह चुटकी मेरे निकट दुकान करने वाले लेडिज टेलर की प्रेरणा से रची गई है। इस लिए यह रचना उन्ही को समर्पित कर रहा हूँ।
---- चुटकी----
अंग अंग का
ले रहा है नाप,
लेडिज टेलर है
कर दो माफ़।
----गोविन्द गोयल

नैनो के लिए लाइन

----- चुटकी -----
नैनो से नैना
लड़ाने के लिए
लगी हुई है लाइन,
देखना है टाटा किसको
कहते है टाटा और
किसको करते हैं साइन।
----गोविन्द गोयल

Monday, 6 October, 2008

दलालों के चंगुल में

----- चुटकी------
क्षमा करना प्रभु जी
पूछ रहा हूँ स खेद ,
आपके यहाँ भी
क्यों होता है
छोटे बड़े का भेद।
---प्रभु का जवाब
कान खोल कर सुन लो
ऐ बालक नादान जी
दलालों के चंगुल में है
अब तो भगवान भी ।
----गोविन्द गोयल

Sunday, 5 October, 2008

ब्लोगर की दुनिया

दैनिक भास्कर के आज के रसरंग में "ब्लॉग के बहाने" टाइटल से एक आलेख प्रकाशित हुआ है। यह रसरंग की टीम की और से है। सुबह से इस इंतजार में था कि ब्लॉग की दुनिया में बड़े बड़े धांसू ब्लोगिये हैं कोई ना कोई तो इसको कहीं तो पोस्ट करेगा ही। सबसे अधिक उम्मीद भड़ास पर थी। लेकिन अब जब यह नहीं दिखा तो यह सब करना पड़ा। इस लेख के अनुसार दुनिया में फिलहाल ६ करोड़ ब्लॉग सक्रिय हैं। हर दिन शुरू होने वाले ब्लॉग की संख्या १७५००० है। अर्थात हर सेकंड में दो नए ब्लॉग। एक सेकंड में १८ ब्लॉग सक्रिय होतें हैं। जापानी भाषा में ३७% और अंग्रेजी में ३३% ब्लॉग है। लेख में बताया गया है कि २००७ की पहली छमाही खत्म होने तक २० करोड़ लोग भूतपूर्व ब्लोगर हो चुके थे।
जरा आप करमवीर सिंह के बारे में जान लीजिये । यह आदमी २०० वेबसाईट/ब्लॉग चलाते हैं। लेखक टीम कहती है कि ब्लॉग जगत में दाखिल होना तो बहुत आसान है, पर ख़ुद को टिकाये रख पाना थोड़ा मुश्किल। इस में अमिताभ बच्चन ब्लोग्स डॉट बिग अड्डा डॉट कॉम /एबी ,निर्देशक राम गोपाल वर्मा का- आरजीवीब्लोग्स.ब्लागस्पाट.कॉम । इसी प्रकार आमिर खान के ब्लॉग का नाम है-डबल्यू डबल्यू डबल्यू.आमिरखान .कॉम/ब्लॉग.एच टी एम्। लेख में बिपासा बसु, नाना पाटेकर, सलमान खान के ब्लॉग के नाम भी है। इस बड़े लेख में ब्लॉग और ब्लोगर के बारे में बहुत जानकारी हैं। टीम इस के लिए बधाई की पात्र है। हम तो वैसे भी सारे संसार के कल्याण की बात करते हैं तो इस टीम की तो करेंगें ही। [ दैनिक भास्कर से साभार हैं इस पोस्ट में दी गई जानकारी.]

अपनी अक्ल लगाओ

---- चुटकी-----
दिखावे पर मत जाओ
अपनी अक्ल लगाओ
बाकी सब बकवास,
आतंकवादी हैं
हमारे नेताओं के खास।
-----गोविन्द गोयल

कुत्ता उड़ाए माल

----- चुटकी-----
नौकर खाए सूखी रोटियां
कुत्ता उड़ाए माल,
एक ही घर में रहते दोनों
कौन किस से करे सवाल।
धर्मगुरु सब कहते हैं
यही है उसका न्याय
जिसके जितना लिख दिया
वह उतना ही पाए।
-----****------
----गोविन्द गोयल

Saturday, 4 October, 2008

धर्म कर्म के नाम पर

-----चुटकियाँ----

धर्मगुरु के सामने

पकवानों के ढेर

बाप तडफता रोटी को

समय का देखो फेर,

धर्म कर्म के नाम पर

दोनों हाथ लुटाए

दरवाजे पर खड़ा भिखारी

लेकिन भूखा जाए,

कोई कहे कर्मों का

फल है,कोई कहे तकदीर

राजा का बेटा राजा है

फ़कीर का बेटा फ़कीर,

चलती चक्की देखकर

अब रोता नहीं कबीर

दो पाटन के बीच में

अब केवल पिसे गरीब,

लंगर हमने लगा दिए

उसमे जीमे कई हजार

भूखे को रोटी नहीं

ये कैसा धर्माचार।

------गोविन्द गोयल

Friday, 3 October, 2008

फैशन के अंदाज

---- चुटकी----
फैशन के भी
देखो लफ़ड़े
कपड़े हैं
फ़िर भी
बिन कपड़े,
चमके फीगर
दिखे कटाव
ये कैसा फैशन
ये क्या चाव,
भाई की शर्म न
बाप का लिहाज
कलयुग में चला
ये कैसा रिवाज।
----गोविन्द गोयल

Thursday, 2 October, 2008

गाँधी जी के पद चिन्हों पर चल

---- चुटकी -----
गाँधी जी के पद चिन्हों
पर चल प्यारे
दूसरा गाल भी पड़ौसी
के आगे कर प्यारे,
अहिंसा परमो धर्म है
रटना तू प्यारे
एक तमाचा और
पड़ौसी जब मारे,
ये बटेर हाथ में तेरे
फ़िर नहीं आनी है
लगे हाथ तू
देश का सौदा कर प्यारे।
----गोविन्द गोयल

Wednesday, 1 October, 2008

कोल कंधोली की झांकी

श्रीगंगानगर के दुर्गा मन्दिर में नवरात्रों के उपलक्ष में जम्मू स्थित कोल कंधोली माता के मन्दिर की झांकी बने गई है। झांकी बनने वाले पिंटू मेहरा ने बताया कि इस कोल कंधोली मन्दिर के स्थान पर ही बचपन में माँ वैस्नोदेवीने झूला झूला था। उन्होंने अपना बचपन यहीं बिताया था। इलाके में इस मन्दिर की बहुत मान्यता है। शहर में अलग अलग स्थानों पर नवरात्रे उत्सव हो रहें है। पूरा नगर ऐसे लगता है जैसे धर्म मय हो गया है। कहीं श्री मदभागवत कथा हो ताहि है तो इनेक स्थानों पर रामलिलाओं का मंचन हो रहा है।

क्या पाप किया

जोधपुर के चामुंडा मन्दिर में जो हादसा हुआ उस पर कहने के लिए मेरे पास इस से अधिक कुछ नहीं है।
----- चुटकी-----
हमारे नेताओं ने
ऐसा कौनसा
किया है पाप,
जो इतनी
बलि ली एक साथ।
---गोविन्द गोयल